नामदेव समाज के लिए गौरव के पल,,सांगानेरी हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान,,,समाज के डॉ. संतोष कुमार धनौपिया उज़्बेकिस्तान में हुए सम्मानित

Like 1 Views 55
Rajat Chipa (Jaipur) 27-09-2026 Regional

जयपुर(राधेश्याम धनोपिया)|जयपुर की विश्व प्रसिद्ध पारंपरिक 'सांगानेरी हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग' ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर भारत का मान बढ़ाया है।  
​ 'एटलास बयरमी 2026' में सम्मानित हुए डॉ. संतोष कुमार धनौपिया
​उज़्बेकिस्तान में आयोजित प्रतिष्ठित 'एटलास बयरमी 2026' अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में जयपुर के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हस्तशिल्पी डॉ. संतोष कुमार धनौपिया को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उज्बेकिस्तान के मार्गीलान में यूनेस्को (UNESCO) के सहयोग से आयोजित '7वें अंतर्राष्ट्रीय पारंपरिक वस्त्र महोत्सव (Atlas Bayrami)' में उन्होंने सांगानेरी ब्लॉक-प्रिंटेड साड़ी के लिए इको-फ्रेंडली टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी श्रेणी में पुरस्कार जीता। 
​महोत्सव में डॉ. धनौपिया द्वारा तैयार की गई सांगानेरी साड़ी और उनकी पारंपरिक कारीगरी की दुनियाभर से आए कला प्रेमियों ने जमकर सराहना की।  
डॉ धनोपिया अब तक दुनिया के 32 से अधिक देशों में अपनी इस पारंपरिक भारतीय कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।
कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार और पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल जी से राज्य पुरस्कार मिल चुका है।
​ 
6 पीढ़ियों की अटूट धरोहर
​विरासत:
 डॉ. धनौपिया सांगानेर के एक प्रतिष्ठित पारंपरिक ब्लॉक-प्रिंटिंग परिवार से ताल्लुक रखते हैं।  

​परंपरा:
 उनका परिवार पिछले छह पीढ़ियों से लकड़ी के ब्लॉक और प्राकृतिक रंगों (Natural Dyes) के प्रयोग से इस कला को जीवित रखे हुए है। 
 
​संदेश: इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि भारत की सदियों पुरानी हस्तकलाएं सीमाओं से परे पूरी दुनिया को आकर्षित करने का सामर्थ्य रखती हैं।  
​
 वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल-इंडिया का रहा विशेष योगदान
​इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सफलता और भागीदारी के पीछे वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल-इंडिया (WCCI) का विशेष सहयोग रहा,जो भारतीय शिल्पकारों को वैश्विक मंच प्रदान करने में निरंतर प्रयासरत है।  

प्रादेशिक

सम्पादकीय